चालीसा
श्री पार्वती चालीसा
श्री पार्वती चालीसा ॥ दोहा ॥ जय गिरी तनये दक्षजे, शम्भु प्रिये गुणखानि ।गणपति जननी पार्वती, अम्बे! शक्ति! भवानि ॥ ॥ चौपाई ॥ ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे । पंच बदन नित तुमको ध्यावे ॥१॥षड्मुख कहि न सकत यश तेरो । सहसबदन श्रम करत घनेरो ॥२॥तेऊ पार न पावत माता । स्थित रक्षा लय हित सजाता ॥३॥अधर […]
श्री यमुना चालीसा
श्री यमुना चालीसा ॥ दोहा ॥ प्रियसंग क्रीड़ा करत नित, सुखनिधि वेद को सार ।दरस परस ते पाप मिटे, श्रीकृष्ण प्राण आधार ॥यमुना पावन विमल सुजस, भक्तिसकल रस खानि ।शेष महेश वदंन करत, महिमा न जाय बखानि ॥पूजित सुरासुर मुकुन्द प्रिया, सेवहि सकल नर-नार ।प्रकटी मुक्ति हेतु जग, सेवहि उतरहि पार ॥बंदि चरण कर जोरी […]
श्री ब्रह्मा चालीसा
श्री ब्रह्मा चालीसा ॥ दोहा ॥ जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू, चतुरानन सुखमूल ।करहु कृपा निज दास पै, रहहु सदा अनुकूल ॥तुम सृजक ब्रह्माण्ड के, अज विधि घाता नाम ।विश्वविधाता कीजिये, जन पै कृपा ललाम ॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय कमलासान जगमूला । रहहु सदा जनपै अनुकूला ॥१॥रुप चतुर्भुज परम सुहावन । तुम्हें अहैं चतुर्दिक आनन […]
